मध्य प्रदेश में नई उम्मीद का नाम क्यों बन रहे हैं उमंग सिंघार ?
मध्य प्रदेश में उभरता नया नेतृत्व :उमंग सिंघार
कौन हैं उमंग सिंघार?
उमंग सिंघार मध्यप्रदेश की गंधवानी विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 197 से विधायक हैं तथा मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। उनकी पहचान एक उभरते हुए,समर्पित और जनहितैषी आदिवासी नेता के रूप में है।
उमंग सिंघार लगातार मध्यप्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में मजबूती के साथ उठाते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। वे प्रदेश के दसों संभागों का लगातार दौरा कर आम जनता से सीधे संवाद स्थापित कर रहे हैं। उनका जनहित के प्रति अटल संकल्प और बेबाक अंदाज़ विशेष रूप से युवाओं को आकर्षित कर रहा है।
मध्यप्रदेश के अन्नदाताओं के संग उमंग सिंघार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मध्य प्रदेश के किसानों के साथ कदम से कदम मिलाकर मजबूती से खड़े हैं। उनका साफ कहना है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और मध्य प्रदेश को कृषि क्षेत्र में देश के अग्रणी एवं सबसे प्रमुख राज्यों में गिना जाता है। यह दलहन, तिलहन और गेहूं उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है। ऐसे में मध्य प्रदेश के किसान भाइयों की सरकार द्वारा अनदेखी बेहद निंदनीय और अस्वीकार्य है।
मध्य प्रदेश सरकार किसानों के साथ लगातार सौतेला व्यवहार कर रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की पर्याप्त खरीद न होने के कारण किसानों को अपनी उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है, जिससे उनकी आय घट रही है और खेती के खर्च पूरे करने के लिए उन पर लगातार कर्ज़ बढ़ रहा है। हाल ही के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 92.49 लाख किसानों पर कुल ₹1.69 लाख करोड़ का बकाया कर्ज़ है, जो लगातार बढ़ रहा है। बढ़ते आर्थिक संकट, फसल नुकसान के मुआवजे में देरी एवं गड़बड़ी, तथा कर्ज़ के बोझ के कारण किसानों की आत्महत्या की घटनाएं भी लगातार बढ़ती जा रही हैं।
ऐसी कठिन परिस्थितियों में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार लगातार सड़क से लेकर सदन तक किसानों की आवाज़ बुलंद कर रहे हैं और जिम्मेदार मंत्रियों को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। हाल ही में विदिशा जिले के एक किसान कालूराम द्वारा आत्महत्या किए जाने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी, साथ ही एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। उमंग सिंघार का साफ कहना है कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ है। पिछले 18 वर्षों में मध्य प्रदेश की धरती किसान आत्महत्याओं, बेलगाम भ्रष्टाचार और आदिवासियों के अपमान का बोझ उठा रही है, लेकिन अब और नहीं। आने वाले समय में प्रदेश की जनता लोकतांत्रिक ताकत से तख्ता पलट करेगी और आने वाले कल में मध्यप्रदेश की धरा फिर मुस्कुराएगी।
युवा वर्ग के मुद्दों पर उमंग सिंघार की भूमिका
मध्यप्रदेश में रोजगार, भर्ती प्रक्रियाओं में विलंब, परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दे लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा का विषय रहे हैं। विषयों को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार लगातार विधानसभा और सार्वजनिक मंचों पर युवाओं की बात रखते आएं हैं उमंग सिंघार का कहना है कि प्रदेश सरकार के तानाशाही और विफल नीतियों से युवा वर्ग परेशान हैं हर तरफ युवाओं के साथ छल हो रहा हैं रोजगार के नाम पर युवओं को ठेंगा दिखया जा रहा है,समस्त सरकारी विभागों में, भर्ती प्रक्रिया में भरपूर्ण भ्रष्टाचार हो रहा है,शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 में पदों की संख्या बढ़ाने और भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग को लेकर वर्ग 2 और वर्ग 3 के हमारे शिक्षक अभ्यर्थी भाई-बहन भोपाल की सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। योग्य होने के बावजूद सालों से नियुक्ति के लिए दर-दर भटकना और अपनी ही जायज मांगों के लिए बार-बार सड़कों पर लाठियां-धूप सहना, शिवराज-मोहन सरकार की रोजगार विरोधी नीतियों का जीता-जागता प्रमाण है।
ऐसे कठिन परिस्थितियों में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की लगातार युवाओ के बीच सक्रियता बनी हुई है वह निरन्तर सड़क से सदन और अदालत तक युवाओं के साथ खड़े है उनका कहना है की युवा मध्यप्रदेश का भविष्य हैं और युवाओं के साथ हो रहे सुनियोजित अन्याय के विरुद्ध मैं डट कर खड़ा रहूँगा प्रदेश का युवा सरकार से अपना हक़ मांग रहा है, सरकार ने चुनावी समय में जो झूठे वादे किये थे आज वह सब बेनकाब हो रहे है। मैं पुनः यह बात दोहराता हूँ मैं उमंग सिंघार नेता प्रतिपक्ष होने में नाते प्रदेश के युवाओं के हक़ की आवाज़ पूरी मजबूती के साथ उठाता रहूँगा। यही कारण है की युवाओं में उमंग सिंघार की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है उनके दमदार और बेबाक अंदाज ने युवाओं में एक उम्मीद जगा दी है।
महिला सशक्तिकरण पर प्रखर : उमंग सिंघार
महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को बार-बार आईना दिखाया है। उमंग सिंघार का कहना है कि मध्य प्रदेश में दुष्कर्म, जमानत और फिर दुष्कर्म जैसे 902 मामले कानून-व्यवस्था पर करारा तमाचा हैं। प्रदेश सरकार द्वारा महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के नाम पर किए गए दावे आज खोखले साबित हो रहे हैं और प्रदेश सरकार लगातार प्रदेश बहनों को झूठे सपने दिखाकर ठग रही है। जेंडर बजट का पैसा महिलाओं पर खर्च होने के बजाय अन्य कार्यों में झोंका जा रहा है। जिन योजनाओं से महिलाओं को सशक्त होना था, वही बजट सरकारी दिखावे और प्रबंधन की भेंट चढ़ गया।
महिला सशक्तिकरण के नाम पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सदन में सरकार से आँख से आँख मिलाकर सवाल उठाते हैं। उनका कहना है कि भाजपा सरकार नारी वंदन और महिला आरक्षण की सिर्फ बातें कर रही है। अगर सरकार की नीयत साफ होती, तो बहुमत होने के बावजूद भी बीजेपी मौजूदा सीटों पर 33% आरक्षण देने से कदम पीछे नहीं खींचती।
कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है और इस दिशा में श्रीमती सोनिया गांधी जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हम महिला सशक्तिकरण के विरोधी नहीं, बल्कि उसके सच्चे समर्थक हैं।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का प्रदेश की बहनों के प्रति आदर, सम्मान और स्नेह उनको सच्चा जननायक बनाता है। बात जब बहनों की आती है, तो वह स्वयं आगे आकर उनके लिए हर संभव प्रयास करते हैं, जैसे आर्थिक, स्वास्थ्य संबंधी एवं प्रशासनिक सहायता, जिससे रोजमर्रा के जीवन में बहनों की मदद हो सके। साथ ही, वह प्रदेश भर में निरंतर दौरा कार्यक्रम कर गाँव-गाँव माताओं और बहनों से सीधे संपर्क करते हैं। यही अपनापन उमंग सिंघार की बढ़ती लोकप्रियता का कारण बनता जा रहा है और आज के समय में प्रदेश की बहनें उमंग सिंघार को उम्मीद के साथ जोड़कर देख रही हैं।
निष्कर्ष
मैं, उमंग सिंघार, मध्य प्रदेश की जनता का जनसेवक हूँ। मैं यह बात पुनः दोहराता हूँ कि प्रदेश के हर वर्ग आदिवासी, दलित, किसान, महिला और युवा वर्ग के न्याय एवं अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ता रहूँगा। सड़क से सदन और अदालत तक हर मंच पर डटकर खड़ा रहूँगा।
प्रदेश की देवतुल्य जनता हमेशा मेरी प्राथमिकता है।
दल कोई भी हो, हमारा लक्ष्य और ध्येय हमेशा जनहित ही होना चाहिए।